होटवार जेल में बंद महिला के यौन शोषण मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले में अगली सुनवाई 22 मई को निर्धारित की है। हाई कोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस पीके श्रीवास्तव की अवकाश कालीन अदालत इस मामले में सुनवाई करेगी।

इस मामले में गृह विभाग के प्रधान सचिव, डीजीपी, जेल आइजी, रांची उपायुक्त, रांची एसएसपी, जेल अधीक्षक को प्रतिवादी बनाया है। बता दें कि होटवार जेल की एक महिला बंदी ने जेल के वरीय अधिकारियों पर यौन शोषण का आरोप लगाया है।

पिछले दिनों मामला सामने आने के बाद झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एसएन प्रसाद के निर्देश पर डालसा सचिव के साथ एक टीम ने जेल में जाकर मामले की जांच की थी। टीम ने महिला सहित अन्य लोगों से पूछताछ की और निर्धारित प्रोटोकाल की व्यवस्था को सुधारने का निर्देश भी दिया। इधर, इस मामले में सरकार और उपायुक्त के स्तर से भी जांच टीमें बनाई गई हैं।

गौरतलब है कि बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में बंद एक महिला बंदी के गर्भवती होने और इसमें जेल अधीक्षक की संलिप्तता संबंधी मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने मामले की जांच का आदेश दिया है।

साथ ही पीड़ित महिला को विधिक सहायता उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है। इस निर्देश के बाद झालसा की  सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना की देखरेख एवं न्यायायुक्त  अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में एक जांच टीम का गठन किया गया।

टीम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, डालसा सचिव, महिला एलएडीसी चीफ समेत अन्य महिला एलएडीसी को शामिल किया गया। गठित टीम ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार पहुंचकर मामले की जांच की। जांच के दौरान टीम ने पाया कि जेल के किसी भी वार्ड में शिकायत पेटी नहीं लगाई गई थी।

इस पर जेल अधीक्षक को दो दिनों के भीतर सभी वार्डों में शिकायत पेटी लगाने का निर्देश दिया गया। टीम ने पीड़ित महिला, जेल पीएलवी और जेल चिकित्सक का बयान भी दर्ज किया। इसके अलावा सभी वार्डों का निरीक्षण कर मामले की गंभीरता से जांच की गई।

जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर झालसा को भेज दी गई है। डालसा सचिव ने बताया कि पीड़ित महिला को विधिक सहायता के तहत पैनल से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया गया है। साथ ही जेल प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि महिला बंदी की समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए।

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